May 23, 2024

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नाबालिग बेटी के बलात्कारी बाप, आखिरी सांस तक रहेगा काल कोठरी में

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रिपोर्ट – प्रमोद / शेखर

नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार करने व उसे गर्भवती करने के आरोपी सौतेले पिता को पॉक्सो न्यायालय राजसमंद की न्यायाधीश पूर्णिमा गौड़ ने आजीवन कठोर कारावास और 80 हजार रूपए जुर्माने की सजा से दंडित किया है। इस प्रकरण को लेकर राजसमंद विशिष्ट लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य ने बताया है कि 20/06/2022 को पीड़िता ने जनाना वार्ड,महाराणा भूपाल हॉस्पिटल उदयपुर में पुलिस थाना नाथद्वारा की पुलिसकर्मी को बयान लेखबद्ध करवाये थे कि वह मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली है। जब वह उसकी मां के पेट में थी तभी उसके पिता की मृत्यु हो गई।

उसकी मां ने रोशनलाल से अहमदाबाद में साथ में मजदूरी करने के दौरान शादी कर ली। वह अपनी माता व पिता के साथ उसके गांव में रहने लगी। करीब पांच माह पूर्व उसकी मां व पिता मजदूरी करने मंडियाना पाउडर गिट्टी की फैक्ट्री में आए थे। उसका पिता पाउडर व गिट्टी फैक्ट्री में काम करता था और वे तीनों फैक्ट्री में ही बने कमरे में रहते थे। वर्ष 2018 में उसकी मां का ऑपरेशन हुआ तब से सौतेले पिता ने कई बार उसके साथ बलात्कार किया। उसके पिता ने उसे डराया व धमकाया कि बलात्कार की बात अगर तेरी मां को बताई तो तुझे वह तेरी मां को मार डालूंगा।

फिर 14/6/2022 को उसके पेट में दर्द होने पर नाथद्वारा अस्पताल में दिखाया जहां डॉक्टर ने बताया कि वह पांच माह की गर्भवती है और नाथद्वारा से उदयपुर रेफर किया गया। जहां महाराणा भोपाल जनाना अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है । उक्त पर्चा बयान पर पुलिस थाना नाथद्वारा द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर, आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर पॉक्सो न्यायालय राजसमंद में अभियुक्त रोशनलाल के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय में राज्य सरकार व पीड़िता की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ट लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य ने 22 गवाह तथा 43 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। बता दें कि उस व क्त इस प्रकरण के अनुसंधान अधिकारी छगन पुरोहित द्वारा अनुसंधान के दौरान पीड़िता व अभियुक्त का मेडिकल कराया गया था और पीड़िता का मृत भ्रूण, पीड़िता व अभियुक्त के शरीर से लिए गए सैंपल को एफएसएल/ डीएनए जांच के लिए भिजवाया गया था। विशिष्ट लोक अभियोजक राहुल सनाढ्य द्वारा न्यायालय में डीएनए रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें पीड़िता के मृत भ्रूण की डीएनए जांच में उसका बायोलॉजिकल पिता अभियुक्त रोशनलाल का होना पाया गया। इसके बाद न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अभियुक्त रोशनलाल को दोषसिद्ध घोषित किया गया।