उदयपुर नगर निगम में कांग्रेस का हल्लाबोल: भ्रष्टाचार, गंदगी और चुनाव टालने को लेकर जोरदार प्रदर्शन
उदयपुर नगर निगम परिसर गुरुवार को राजनीतिक हलचल का केंद्र बना रहा, जहां शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम की कार्यशैली, शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। सुबह से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन दोपहर बाद तक जारी रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पूर्व पार्षदों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने नगर निगम का घेराव करते हुए भाजपा बोर्ड और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उदयपुर नगर निगम भाजपा शासन में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। शहर में टूटी सड़कें, गंदगी, सीवरेज समस्या और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के कारण आम जनता परेशान है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान नगर निगम परिसर में जमकर नारेबाजी हुई और कार्यकर्ताओं ने “भ्रष्टाचार बंद करो”, “नगर निगम होश में आओ” तथा “जनता को जवाब दो” जैसे नारे लगाए।
सुबह 11 बजे शुरू हुआ धरना
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में यह धरना सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ। नगर निगम परिसर में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, NSUI और सेवादल के सदस्य एकत्रित हुए। पूर्व पार्षदों और कांग्रेस नेताओं ने धरने को संबोधित करते हुए भाजपा बोर्ड पर विकास कार्यों के नाम पर घोटाले करने के आरोप लगाए।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उदयपुर जैसी पर्यटन नगरी की हालत लगातार खराब होती जा रही है। शहर की सड़कें जगह-जगह से टूटी हुई हैं और बारिश से पहले ही हालात बदतर हो चुके हैं। कई इलाकों में नालियां जाम पड़ी हैं, जिससे सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है। शहर के नए वार्डों के साथ-साथ पुराने शहर की गलियों में भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
आयुक्त के नहीं पहुंचने पर बढ़ा आक्रोश
दोपहर तक नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना निगम कार्यालय नहीं पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शनकारी आयुक्त के चैंबर के बाहर पहुंच गए और वहां भी नारेबाजी शुरू कर दी। करीब एक घंटे तक पदाधिकारी आयुक्त के आने का इंतजार करते रहे।
करीब शाम 4 बजे आयुक्त अभिषेक खन्ना निगम पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस के एक दर्जन से अधिक पदाधिकारी ज्ञापन देने के लिए उनके चैंबर में पहुंचे। इसी दौरान एक कार्यकर्ता कुर्सी पर चढ़ गया, जिसे देखकर आयुक्त खन्ना नाराज हो गए। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद कांग्रेस पदाधिकारियों और आयुक्त के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई और आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए ज्ञापन लेने से भी इनकार कर दिया। करीब पांच मिनट तक चली बहस के बाद माहौल शांत हुआ और अंततः आयुक्त ने कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन स्वीकार किया।
विकास कार्यों में घोटालों के आरोप
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि नगर निगम में विकास कार्यों के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है। विशेष रूप से आयड़ नदी के सौंदर्यीकरण कार्यों को लेकर सवाल उठाए गए। नेताओं का कहना था कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद धरातल पर कोई ठोस विकास दिखाई नहीं देता।
उन्होंने शहर विधायक ताराचंद जैन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता के सामने विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर की स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय कई क्षेत्रों में अंधेरा रहता है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
272 प्लॉट घोटाला बना बड़ा मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा कथित 272 प्लॉट घोटाले का उठा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच को जानबूझकर आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है ताकि बड़े नेताओं और प्रभावशाली लोगों को बचाया जा सके।
कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना था कि नगर निगम में पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो चुकी है और भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
नगर निगम चुनाव टालने पर सरकार पर हमला
शहर जिलाध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार नगर निगम चुनाव जानबूझकर टाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को अपनी हार का डर सता रहा है, इसलिए निकाय चुनाव समय पर नहीं करवाए जा रहे।
राठौड़ ने कहा कि नगर निगम का भाजपा बोर्ड पूरी तरह फेल हो चुका है और शहर की जनता बदहाल जीवन जीने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि लोग गंदगी, बदबू और टूटी सड़कों के बीच रहने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी और जनता के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी।
पर्यटन नगरी की खराब छवि पर चिंता
धरने को संबोधित करते हुए कई नेताओं ने कहा कि उदयपुर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन नगरी के रूप में पहचान रखता है, लेकिन वर्तमान हालात शहर की छवि को खराब कर रहे हैं। शहर में जगह-जगह गंदगी, टूटी सड़कें और बदहाल सीवरेज व्यवस्था पर्यटकों के सामने गलत तस्वीर पेश कर रही है।
नेताओं ने कहा कि नगर निगम प्रशासन केवल कागजों में विकास दिखा रहा है, जबकि जमीन पर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और शिकायतों के बावजूद अधिकारी कार्रवाई नहीं करते।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया। पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, पंकज शर्मा, दरियाव सिंह चुंडावत, जगदीशराज श्रीमाली सहित कई प्रमुख नेता धरने में शामिल हुए। युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, NSUI और सेवादल के कार्यकर्ताओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रही।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है। यदि नगर निगम प्रशासन और सरकार ने जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले समय में और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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