May 19, 2024

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सीवरेज के पानी को उपचारितकर दुबारा उपयोग में लाकर लाखों लीटर पानी बचा रहा है हिन्दुस्तान जिंक

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  • पर्या्वरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हिंदुस्तान जिंक ने जल संरक्षण के कई तरी के अपनाए
  • सब के लिए शुद्ध पानी को प्राथमिकता देते हुए हिन्दुस्तान जिंक वाटरपॉजिटिव कंपनी बनी
  • पानी को बचाने में अहमरोल अदा कर रही माइनिंग कंपनियां और सरका

उदयपुर।पानी जीवन की एक बुनि यादी आवश्यकता है।राजस्थान में अधिकांश जल स्रोतों में औसत से कम बारिश होने के कारण यहां पानी का अलग महत्व है। ऐसे में हिन्दुस्तान जिंक अपने संयंत्र को संचालित करने के लिए सीवेजट्रीटमेंटप्लांट द्वारा उपचारित जल का पुनः उपयोग किया जा रहा है।

राजस्थान जैसे जल की कमीवालें राज्य में कार्य करना, पानी के महत्वको खासतौर पर दर्शाता है।यही वजह है कि यहां बारिश होने, कुओं में पानी आने और झीलों के भरने पर खुशीम नाई जाती है। जल संरक्षण के पारंपरिक स्रोतों ने यहां के लोगों का जीवन बचाया है।

राजस्थान में प्रमुख आर्थिक सहयोग देने वाली कंपनी होने के नाते हिंदुस्तान जिंक द्वारा जल स्रोत पर पानी की कमी, रिसाइक्लिंग, पानी के वैकल्पिक स्रोतों की खोज और विभिन्न संरचनाओं के माध्यम से पानी की पूर्ति के लिए जोर दिया गया है।हिंदुस्तान जिंक ने पानी के स्थायित्व के लिए लगातार प्रयास किए हैं।कंपनी के पासस्टेट एफ्लुएंटट्रीट में टप्लांट्स और रिसाइकलिंग सुविधाएं, सीवेजट्रीट में टप्लांट, जल दक्षता में वृद्धि और वर्षा जल संचयन संरचनाएँ हैं जिस ने जल-प्रबन्ध अभियान एवं प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यही वजह है कि हिंदुस्तान जिंक वाटर पॉजिटिव कंपनी के रूप में प्रमाणित की गई है।
इस बारे में हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ श्री अरूण मिश्रा ने कहा ‘‘हिन्दुस्तान जिंक में हम ने हमे शाविचारों, संसाधनों व प्रयासों से समुदायों को सशक्त बनाने में विश्वास किया है।हमारे पास जल प्रबंधन के लिए एक दीर्घ कालिक दृष्टि कोण है जिसका उद्देश्य हमारे प्रदर्शन में निरंतर सुधार करना हैै। यह उपलब्धि उन प्रयासों का प्रमाण हैजो हमारी टीम ने वर्षों से जारी रखें हैं।जिनके द्वारा हम एक स्वच्छता एवं वाटरपाॅजिटिव शहर बनाने के सपने को हकीकत में बदल ना चाहते हैं।’’

हिंदुस्तानजिंक ने राजस्थान में पानी की महत्ता को समझते हुए जिम्मेदार कापोरेटनागिरक के रूप में उतनीही शिद्दत के साथ काम किया है।देश में सबसे कम बारिश राजस्थान में होती है।इसी कारण यहां प्रतिव्यक्ति पानी की उपलब्ध ताभी कम है। राज्य में भूमिगत जल संसाधनों का भी अभाव है।ज्यादा तर स्थानों पर पानी में ऑर्सेनिक, फ्लोराइड और लैड जैसेतत्वों की अधिकता है जो सेहत के लिए बेहद हानिकारकहै। ऐसे में हिंदुस्तानजिंक दूर दराज के गांवों में भी लोगों को पीने के लिए साफ पानी मुहैया करवा रहा है।

पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के मॉडलप्रोजेक्ट के तहत आर ओप्लांट लगाए गए हैं जो 1000 एलपीएच शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवा रहे हैं। कुछ जगह वाटर एटीएम लगाए गए हैं, जहां से ग्रामीणों को बहुत सस्तेदर पर पीने का साफ पानी उपबल्ध हो रहा है।जिन इलाकों में साफ पानी के स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, वहां मोबाइल वाटर टैंक के जरिये लोगों को साफ पानी पहुंचा या जार हा है। अब तक आठ मदर आर ओप्लांट लगाए गए हैं और 17 जगह एटीए मस्थापत किए हैं।इसके जरिये 25 गांवों में 3200 से अधिकपरिवारों को पीने का साफ पानी की आपूर्ति् की जार ही है। आने वाले समय में देबारी, दरीबा और चंदेरिया में पांच आर ओमदरप्लांट और 22 एटीएम के लिए काम चल रहा है।

उदयपुर में सीवरेज से झीलों के पानी को बचाना सबसे बड़ा मुद्दा रहा है।पहली बार हिंदुस्तानजिंक ने नगर निगम उदयपुर के साथमिलकर सीवरेजट्रीट में टप्लांट का महाथ में लिया और उसे पूरा किया। ऐसे में पीने योग्य पानी के वैकल्पिक स्रोतों को विकसित करने और उसके संरक्षण की आवश्यकता थी। ऐसे में हिंदुस्तानजिंक ने 2014 में सार्वज्निक-निजी-भागीदारी मॉडल के तहत 20 एमएलडी उदयपुर का पहला सीवेजट्रीट में टप्लांट (एसटीपी) स्थापित किया था जो राजस्थान में अपनी तरह का पहला है। हिंदुस्तानजिंक और उदयपुर स्मार्ट सिटीलिमिटेड ने जून 2017 में एक और 40 एमएलडी सीवेज उपचार क्षमता बढ़ाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।प्रस्तावित 40 एमएलडी एसटीपी में से, 25 एमएलडी को जनवरी 2019 में पूरा कर दिया गया। इस साल 15 एमएल डीप्लांट का काम भी पूरा हो जाएगा।राजस्थान में जल संरक्षण की महत्ताको समझते हुए कंपनी ने अहम भूमिका अदा की है।

हिंदुस्तानजिंक शीर्ष जल संरक्षण कंपिनयों में प्रमाणित: जल संरक्षण के मामले में हिंदुस्तानजिंक प्रदेश ही नहीं बल्किदेश में लीडर की भूमिका अदाकर रही है। वेदांता समूह की हिंदुस्तानजिंक कंपनी को वाटर पॉजिटिवकंपनी घोषित किया जाचु का है। 2.41 के इस अनुपात के साथ, हिंदुस्तानजिंक शीर्ष् जल संरक्षण कंपनियों में प्रमाणित है।

प्रदेश में प्रमुख आर्थिक सहयोग देने वाली कंपनी होने से जिंक द्वारा जल स्रोत पर पानी की रिसाइक्लिंग, पानी के वैकल्पिक स्रोतों की खोज और विभिन्नसंरचनाओं के माध्यम से पानी की पूर्ति् के लिए जोर दिया जा रहा है।वाटर पॉजिटिव कंपनी सर्टिफि केशन मेटल और माइनिंग कंपनियों में जिंक की स्थिरता और पानी के भंडारण की स्थिति की प्रतिबद्धता को दशार्त है।कंपनी आने वाले वर्षों में पांचगुना वाटर पॉजिटिव कंपनी बनने के लिए रणनीतियों और संरचनाओं को लागू करते हुए पानी के फुट प्रिन्टको कम करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है।कंपनी पानी की उपलब्धता बढ़ाने व पानी की गुणवत्ता में सुधार और वर्ष् 2025 तक उपलब्ध पानी तक पहुंच बढ़ाने के लिए काम करके अपने गांवों को पर्याप्त पानी देने पर काम कर रही है।

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