March 4, 2026

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मुंबई, मई 2025: हास्य, रोमांस और पारिवारिक संबंधों के शानदार मेल के साथ, सोनी सब का नया शो ‘उफ्फ… ये...

मुंबई, मई 2025: सोनी सब का शो वीर हनुमान दर्शकों को युवा मारुति की अद्भुत यात्रा— एक जिज्ञासु बालक से...

मुंबई, मई 2025: आजकल कई कलाकार ग्लैमर की दुनिया के पीछे छिपे संघर्षों के बारे में खुलकर बात कर रहे...

मुंबई, मई 2025: न्यू लाइन सिनेमा की लंबे समय से सफल और लोकप्रिय हॉरर फ्रेंचाइज़ी का नया चैप्टर 'फाइनल डेस्टिनेशन:...

09 मई 2025, भारत – कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में अग्रणी डिशटीवी इंडिया लिमिटेड ने डिजिटल मनोरंजन जगत में एक...

गौरव भंडारी की चतुर्थ पुण्यतिथि पर मदार में गौरव जल मंदिर का उद्घाटनउदयपुर 6 मई। स्वर्गीय गौरव भंडारी की चतुर्थ...

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक विकास पहल राजकीय विद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सुरक्षित, समावेशी और सक्षम शिक्षण वातावरण बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, हिन्दुस्तान जिं़क ने देबारी क्षेत्र में कक्षा कक्षों का निर्माण और जीर्णोद्धार किया है, बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय और चयनित स्कूलों में प्रार्थना शेड का निर्माण किया हैं। इसी कड़ी में जिं़क स्मेल्टर देबारी के आस पास के तीन विद्यालयों राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, गडवा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, उदयसागर और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बालिका), देबारी में हैंडओवर एवं उद्घाटन समारोह आयोजित किये। जिसमें स्कूल प्रबंधन समिति, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, सरपंच और उप-सरपंच सहित प्रमुख सामुदायिक प्रतिनिधियों और जिंक स्मेल्टर देबारी के प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति में दो कक्षा कक्षों और एक विद्यालय में जीर्णोद्धार का उद्घाटन किया गया। इससे 800 से अधिक छात्र छात्राएं लाभान्वित होगें जो स्थानीय शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। भविष्य के लिए तैयार शिक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, हिन्दुस्तान जिंक ने तीन राजकीय विद्यालयों  में एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) प्रयोगशालाओं की स्थापना भी की है। यह क्षेत्र में हिन्दुस्तान जिंक के सीएसआर कार्यक्रम के तहत् की गयी पहल है, जिसे छात्रों को उन्नत तकनीकी उपकरणों से परिचित कराने और नवाचार-संचालित शिक्षण दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। हिन्दुस्तान जिंक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच को सक्षम करने और अगली पीढ़ी को सफल होने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और अवसरों के साथ सशक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण के लिए अन्य कार्यक्रम संचालित कर रहा है।

फिक्की एफएलओ जयपुर की 60 महिला प्रतिनिधियों ने हिंदुस्तान जिंक की रामपुरा आगुचा माइन में 850 मीटर नीचे जा कर खनन क्षेत्र की नवीन तकनीक को देखा फिक्की एफएलओ जयपुर की 60 महिला प्रतिनिधियों ने वेदांता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिं़क लिमिटेड की विश्व में सबसे बड़ी जिंक उत्पादक खदानों में से एक रामपुरा आगुचा माइन का दौरा कर माइनिंग की नवीन तकनीक और नवाचारों को देखा। तीन दिवसीय इस दौरे में प्रतिदिन 20 महिलाओं ने माइन में 850 मीटर नीचे हिन्दुस्तान जिं़क की रामपुरा आगुचा माइन का अनुभव लिया जो कि बुर्ज खलीफा की ऊंचाई से भी गहरी है। समूह एलआईडीएआर  तकनीक से चलने वाले रिमोट कंट्रोल लोडर को देखा जिसे सतह से 1000 मीटर से भी ज्यादा गहराई से चलाया जा सकता है। इससे सुरक्षा और उत्पादन दोनों बढ़ते हैं। उन्होंने आईओटी से चलने वाले ऐसे सिस्टम भी देखे जो मशीनों के खराब होने का पहले से पता लगा लेते हैं और उन्हें रोकते हैं। साथ ही एआई तकनीक से चलने वाले सुरक्षा निगरानी सिस्टम भी देखे, जो सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करते हैं। शाफ्ट वाइंडर चलाने के लिए वर्चुअल रियलिटी सिम्युलेटर का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे हिन्दुस्तान जिं़क की सुरक्षित और अच्छी ट्रेनिंग देने की गंभीरता की जानकारी मिलती है। इसके अलावा, महिलाओं के इस समूह ने सतह से ही चलने वाले रिमोट कंट्रोल ड्रिलिंग ऑपरेशन को भी देखा। यह दौरा फिक्की एफएलओ जयपुर चैप्टर की 2025-26 की थीम - हेरिटेज, हेल्थ और हार्मोनी को पूरी तरह से दर्शाता है। इस थीम के तहत् परंपरा को नई सोच के साथ जोड़ना और महिलाओं को उन क्षेत्रों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना जहाँ आमतौर पर महिला नेतृत्व कम दिखता है शामिल करना है। इस दौरान खनन के विकास, मशीनों के इस्तेमाल और औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किये गए।  महिलाओं ने गहराई से जाना कि आधुनिक खनन कैसे सस्टेनेबल हो सकता है, उसमें नवाचार लाने के साथ साथ यह समुदाय को कैसे मजबूत कर सकता है। रामपुरा आगुचा में इस अनुभव से न केवल उन्हें माइनिंग की जानकारी मिली, बल्कि प्रेरणा भी मिली। इससे यह विश्वास और मजबूत हुआ कि महिलाएं बड़े उद्योगों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। यह कार्यक्रम समावेशी विकास, समुदाय की भागीदारी और अनुभव से सीखने को बढ़ावा देने के लिए हिन्दुस्तान जिं़क के सतत् प्रयासों का हिस्सा है।